CM Kisan Samman Nidhi: राजस्थान में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं, जो पीएम किसान के 6,000 रुपये से अलग हैं. छठी किस्त का इंतजार जारी है, तारीख तय नहीं. भुगतान DBT से होगा, पंजीकरण और e-KYC जरूरी है.

राजस्थान के किसानों के लिए राहत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत किसानों को मिलने वाली अगली किस्त का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. यह योजना केंद्र की पीएम किसान योजना के साथ मिलकर किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, जिससे उनकी खेती से जुड़ी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें.
फैक्ट के तौर पर देखें तो इस योजना के तहत राज्य सरकार पात्र किसानों को सालाना 3,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देती है. यह राशि 1,000-1,000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है. वहीं केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 6,000 रुपये सालाना मिलते हैं. इस तरह दोनों योजनाओं को मिलाकर किसानों को कुल 9,000 रुपये तक का लाभ मिलता है.
पात्रता की बात करें तो इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जो राजस्थान के मूल निवासी हैं और जिनके पास कृषि योग्य भूमि है. साथ ही, कई मामलों में अलग से पंजीकरण या ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी जरूरी होती है. किसान अपनी स्थिति की जांच राज सहकार पोर्टल या संबंधित विभाग की वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं, जहां आवश्यक जानकारी भरकर स्टेटस आसानी से देखा जा सकता है.
पिछली किस्त के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो दिसंबर महीने में किसानों को पांचवीं किस्त का भुगतान किया गया था. इसके बाद से ही किसान अगली यानी छठी किस्त का इंतजार कर रहे हैं. यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाता है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है.
अब बात संभावित अगली तारीख की करें तो सरकार की ओर से अभी तक छठी किस्त जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है. हालांकि, पिछली किस्तों के पैटर्न को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि अगली किस्त आने वाले महीनों में जारी की जा सकती है. ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखें.
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केवल उन्हीं किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा जिनका पंजीकरण पूरा और सक्रिय है. जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन अधूरा है या जिनकी ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें भुगतान मिलने में देरी हो सकती है. इसलिए समय रहते जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करना बेहद जरूरी है.
राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्य में इस तरह की योजनाएं किसानों के लिए काफी अहम साबित हो रही हैं. जब खेती का नया सीजन शुरू होता है, तब बीज, खाद और अन्य संसाधनों की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे समय में मिलने वाली यह आर्थिक मदद किसानों के लिए बड़ा सहारा बनती है और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करती है.