Gold Silver Price Today: सोना और चांदी भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ धातु नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का प्रतीक हैं। शादियों, त्योहारों और निवेश के लिए इन कीमती धातुओं की मांग हमेशा बनी रहती है। मार्च 2026 में इनके बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो निवेशकों और आम खरीदारों दोनों के लिए समझना जरूरी है। 25 मार्च 2026 को पिछले दिन की गिरावट पूरी तरह वसूल हो गई, जिसमें चांदी ₹12,000 उछली और सोना भी ₹5,000 से अधिक महंगा हो गया। 26 मार्च को रामनवमी की छुट्टी के कारण सर्राफा बाजार बंद रहा।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, वाराणसी और आगरा सहित प्रमुख शहरों में 26 मार्च 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,42,220 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,30,000 से ₹1,32,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। चांदी की कीमत ₹2,60,000 से ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम के दायरे में बनी हुई है। शहरों के बीच कीमतों में अंतर का मुख्य कारण स्थानीय कर, ढुलाई लागत और राज्य की नीतियाँ हैं।
बाजार में उतार-चढ़ाव के पीछे क्या हैं असली कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने-चांदी की कीमतें वैश्विक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर हैं। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना डॉलर के विपरीत दिशा में चलता है और इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव में आ जाती हैं। इसके अलावा, ब्याज दरों में बदलाव से निवेशक सोने की जगह बॉन्ड और अन्य विकल्पों की ओर रुख कर लेते हैं, जिससे माँग घटती है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने पर भी सोने की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ता है क्योंकि सुरक्षित निवेश की जरूरत कम महसूस होती है।
सोना और चांदी में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इन धातुओं की कीमतें रोज बदलती हैं और किसी एक दिन का भाव देखकर निवेश का फैसला लेना सही नहीं होगा। दीर्घकालिक निवेश के नजरिए से सोना हमेशा एक सुरक्षित विकल्प माना गया है, लेकिन अल्पकाल में जोखिम बना रहता है। निवेशकों को बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड जैसे आधुनिक विकल्प भी निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं।